21/10/2025
चौड़े कालर मानस मरवा दीये मासूक सी इन बीरा नै
कई रांझे पाली ला राखे सै इन स्याळां मैं हीरा नै
मासूम सा चेहरा लेरी पर दिल की कत्ति काली सै
माँ बाप इज़ज़त तार ले जिन लाड लड़ा के पाली सै
एक पल मैं न्यारा कर दे पाड़ दे जनम जनम के सीरा नै
माँ के लड़ाए लाड़ याद करे ना बापू की उस पगड़ी का
ब्याहे खसम कि इज़ज़त तारले ना मान करे रखड़ी का
भोले बन के दे दे सै मात कत्ती लेखां की इन तक़दीरा नै
नारी हो जो हद अपनी मैं वा अन्नपूर्णा भी बन जावे सै
प्यार का वा ले रूप आवे जब धरती पे माँ भी कहलावे सै
इस माँ रूप का तो सदा करया सै गुणगान भी फकीरां नै
आज़ादी के नाम पे वा ज्यादा ही कुछ माँगन लाग री सै
अपने संस्कारा नै बनाके गाठड़ी खूंटी टांगन लाग री सै
''नामदेव ''कुछ ना बिगड्या जे इब भी जगा ल्यो जमीरा नै
सोमबीर ''नामदेव ''
( डाया वाला )