17/05/2025
आज फिर एक बार महिंद्रा गाड़ियां खरीदने का बहुत बड़ा अफसोस हो रहा है, किस घड़ी में मेरी मति मारी गई थी, और वो कैसा दुर्भाग्य था कि उस समय के महिंद्रा के अधिकारियों की चिकनी चुपड़ी बातों में आ कर मैने महिंद्रा गाड़ियां खरीदने का निर्णय लेकर अपनी किस्मत को ठोकर मारी।
आज मुझे फिर से महिंद्रा के जामनगर के डीलर और वहां के महिंद्रा के अधिकारियों के द्वारा अपने आप को बेबस होकर लुटवाना पड़ा, जोनल हेड और ASM को लाख वास्तविकता बयान करने के बावजूद महिंद्रा के ASM द्वारा एक तरफा निर्णय लेते हुए डीलर के द्वारा किए गए अधूरे काम को पूरा करवाने हेतु उसके द्वारा बनाए गए दोबारा बिल का भुगतान मुझे करना पड़ा क्यों कि इसके अलावा कोई रास्ता नहीं था मेरी गाड़ी को मुझे रिपेयर करवाना था।
महिंद्रा ट्रक खरीदने के बाद हम अपने आप को डीलर के हाथों लुटवाने हेतु मजबूर हो जाते है, क्यों कि महिंद्रा का न तो स्पेयर पार्ट्स बाजार में मिलता है और ना ही कोई मिस्त्री महिंद्रा को रिपेयर करने को तैयार होता है।
महिंद्रा द्वारा डीलर भी एक शहर में एक ही नियुक्त किया होता है जिसकी वजह से उसकी monopoli चलती है, वो दोनों हाथों से हमे लुटता है ,और उसमें उनका साथ देते है महिंद्रा के ऊपर से नीचे तक के अधिकारीगण, क्यों कि कभी भी उनसे बात करके कुछ सहयोग मांगने पर वे कभी भी ग्राहक का साथ नहीं देते है ,हमेशा डीलर का ही साथ देते है, ये मैं पिछले 7 वर्षों से झेलता आ रहा हूं।
मेरा गांधीधाम ट्रक एसोसिएशन, टैंकर एसोसियन, KMCTWA से निवेदन है कि वे अपने सदस्यों को इस जानकारी से अवगत करावे , यदि कोई भाई महिंद्रा की ट्रक खरीदने का सोचे भी तो उसे 5 बार सोच कर निर्णय लेने को कहे ,और मेरा साथ देकर मेरी आवाज को महिंद्रा के ऊपरी लेवल तक पहुंचाने में मेरी मदद करे।