YASH ROAD CARRIER

YASH ROAD CARRIER We are provide safe and reliable transportation service in all over India. Special service : open door consignment and industrial equipment etc.

Started on August 15, 2009 In Jamnagar (Gujrat). YASH ROAD CARRIER has 8 years of experience in transportation of goods with in India. Our company was established in 2009. Since then it has become a name in the transport Industry. The Company has built a reputation of reliability and customer’s satisfaction nationally. As our motto is to provide quality services at economical rates. Mission of the

company:-
In today’s competitive market customers have the choice to choose the service provider as per their requirements. It is our aim to provide prompt and quality service at economical rates. Vision of the company: - Our Vision is to be most trusted transport company in India. Yash Road Carrier
Naresh Kumar Lodha

Ph. 0288- 2344300, 9998744300, 9978738822

10/10/2024

गुस्से को नियंत्रित करने का एक सुंदर उदाहरण :-

एक वकील ने सुनाया हुआ एक ह्यदयस्पर्शी किस्सा

"मै अपने चेंबर में बैठा हुआ था, एक आदमी दनदनाता हुआ अन्दर घुसा
हाथ में कागज़ो का बंडल, धूप में काला हुआ चेहरा, बढ़ी हुई दाढ़ी, सफेद कपड़े जिनमें पांयचों के पास मिट्टी लगी थी

उसने कहा,

"उसके पूरे फ्लैट पर स्टे लगाना है
बताइए, क्या क्या कागज और चाहिए... क्या लगेगा खर्चा... "

मैंने उन्हें बैठने का कहा,

"रग्घू, पानी दे इधर" मैंने आवाज़ लगाई

वो कुर्सी पर बैठे

उनके सारे कागजात मैंने देखे
उनसे सारी जानकारी ली
आधा पौना घंटा गुजर गया
"मै इन कागज़ो को देख लेता हूं
आपकी केस पर विचार करेंगे
आप ऐसा कीजिए, बाबा, शनिवार को मिलिए मुझसे"

चार दिन बाद वो फिर से आए
वैसे ही कपड़े

बहुत डेस्परेट लग रहे थे

अपने भाई पर गुस्सा थे बहुत
मैंने उन्हें बैठने का कहा
वो बैठे
ऑफिस में अजीब सी खामोशी गूंज रही थी

मैंने बात की शुरवात की
" बाबा, मैंने आपके सारे पेपर्स देख लिए
आप दोनों भाई, एक बहन
मा बाप बचपन में ही गुजर गए
तुम नौवीं पास। छोटा भाई इंजिनियर
आपने कहा कि छोटे भाई की पढ़ाई के लिए आपने स्कूल छोड़ा
लोगो के खेतों में दिहाड़ी पर काम किया
कभी अंग भर कपड़ा और पेटभर खाना आपको मिला नहीं
पर भाई के पढ़ाई के लिए पैसा कम नहीं होने दिया।"

"एक बार खेलते खेलते भाई पर किसी बैल ने सींग घुसा दिए
लहूलुहान हो गया आपका भाई
फिर आप उसे कंधे पर उठा कर 5 किलोमीटर दूर अस्पताल लेे गए
सही देखा जाए तो आपकी उम्र भी नहीं थी ये समझने की, पर भाई में जान बसी थी आपकी
मा बाप के बाद मै ही इन का मा बाप… ये भावना थी आपके मन में"

"फिर आपका भाई इंजीनियरिंग में अच्छे कॉलेज में एडमिशन ले पाया
आपका दिल खुशी से भरा हुआ था
फिर आपने मरे दम तक मेहनत की
80,000 की सालाना फीस भरने के लिए आपने रात दिन एक कर दिया
बीवी के गहने गिरवी रख के, कभी साहूकार कार से पैसा ले कर आपने उसकी हर जरूरत पूरी की"

"फिर अचानक उसे किडनी की तकलीफ शुरू हो गई
दवाखाने हुए, देवभगवान हुए, डॉक्टर ने किडनी निकालने को कहा
तुम ने अगले मिनट में अपनी किडनी उसे दे दी
कहा कल तुझे अफसर बनना है, नोकरी करनी है, कहा कहा घूमेगा बीमार शरीर लेे के। मुझे गाव में ही रहना है, एक किडनी भी बस है मुझे
ये कह कर किडनी दे दी उसे।"

"फिर भाई मास्टर्स के लिए हॉस्टल पर रहने गया
लड्डू बने, देने जाओ, खेत में मकई खाने तयार हुई, भाई को देने जाओ, कोई तीज त्योहार हो, भाई को कपड़े करो
घर से हॉस्टल 25 किलोमीटर
तुम उसे डिब्बा देने साइकिल पर गए
हाथ का निवाला पहले भाई को खिलाया तुमने।"

"फिर वो मास्टर्स पास हुआ, तुमने गांव को खाना खिलाया
फिर उसने शादी कर ली
तुम सिर्फ समय पर वहा गए
उसी के कॉलेज की लड़की जो दिखने में एकदम सुंदर थी

भाई को नौकरी लगी, 3 साल पहले उसकी शादी हुई, अब तुम्हारा बोझ हल्का होने वाला था।"

"पर किसी की नज़र लग गई आपके इस प्यार को
शादी के बाद भाई ने आना बंद कर दिया। पूछा तो कहता है मैंने बीवी को वचन दिया है
घर पैसा देता नहीं, पूछा तो कहता है कर्ज़ा सिर पे है
पिछले साल शहर में फ्लैट खरीदा
पैसे कहा से आए पूछा तो कहता है कर्ज लिया है
मेंने मना किया तो कहता है भाई, तुझे कुछ नहीं मालूम, तू निरा गवार ही रह गया
अब तुम्हारा भाई चाहता है गांव की आधी खेती बेच कर उसे पैसा दे दे"

इतना कह के मैं रुका
रग्घू ने लाई चाय की प्याली मैंने मुंह से लगाई

" तुम चाहते हो भाई ने जो मांगा वो उसे ना दे कर उसके ही फ्लैट पर स्टे लगाया जाए
क्या यही चाहते हो तुम"...

वो तुरंत बोला, "हां"

मैंने कहा,

" हम स्टे लेे सकते हैं
भाई के प्रॉपर्टी में हिस्सा भी मांग सकते हैं

पर….

तुमने उसके लिए जो खून पसीना एक किया है वो नहीं मिलेगा

तुमने दी हुई किडनी वापस नहीं मिलेगी,

तुमने उसके लिए जो ज़िन्दगी खर्च की है वो भी वापस नहीं मिलेगी

मुझे लगता है इन सब चीजों के सामने उस फ्लैट की कीमत शुन्य है
भाई की नीयत फिर गई, वो अपने रास्ते चला गया
अब तुम भी उसी कृतघ्न सड़क पर मत जाना"

"वो भिखारी निकला,
तुम दिलदार थे।

दिलदार ही रहो …..

तुम्हारा हाथ ऊपर था,
ऊपर ही रखो
कोर्ट कचहरी करने की बजाय बच्चों को पढ़ाओ लिखाओ
पढ़ाई कर के तुम्हारा भाई बिगड़ गया;

इस का मतलब बच्चे भी ऐसा करेंगे ये तो नहीं होता"

वो मेरे मुंह को ताकने लगा"
उठ के खड़ा हुआ, सब काग़ज़ात उठाए और आंखे पोछते हुए कहा,
"चलता हूं वकील साहब" उसकी रूलाई फूट रही थी और वो मुझे वो दिख ना जाए ऐसी कोशिश कर रहा था

इस बात को अरसा गुजर गया

कल वो अचानक मेरे ऑफिस में आया कलमों में सफेदी झांक रही थी उसके। साथ में एक नौजवान था
हाथ में थैली

मैंने कहा, "बाबा, बैठो"

उसने कहा, "बैठने नहीं आया वकील साहब, मिठाई खिलाने आया हूं
ये मेरा बेटा, बैंगलोर रहता है, कल आया गांव
अब तीन मंजिला मकान बना लिया है वहां
थोड़ी थोड़ी कर के 10–12 एकड़ खेती खरीद ली अब"
मै उसके चेहरे से टपकते हुए खुशी को महसूस कर रहा था

"वकील साहब, आपने मुझे कहा, कोर्ट कचहरी के चक्कर में मत लगो
गांव में सब लोग मुझे भाई के खिलाफ उकसा रहे थे
मैंने उनकी नहीं, आपकी बात सुन ली मैंने अपने बच्चों को लाइन से लगाया और भाई के पीछे अपनी ज़िंदगी बरबाद नहीं होने दी
कल भाई भी आ कर पांव छू के गया
माफ कर दे मुझे ऐसा कह कर गया है"

मेरे हाथ का पेडा़ हाथ में ही रह गया
मेरे आंसू टपक ही गए आखिर. .. .

गुस्से को योग्य दिशा में मोड़ा जाए तो पछताने की जरूरत नहीं पड़ती कभी

बहुत ही अच्छा है पर कोई समझे और अमल करे तब सफल हो......🙏🙏🥲😭

10/10/2024

अलविदा टाटा

रतन टाटा का निधन अत्यन्त दुखद है। वो सिर्फ एक उद्योगपति नहीं थे, वो विकास के युग पुरुष थे।
रतन टाटा की सरलता बहुत बार देखी है, कई कहानियां सुनी हैं, वो विनम्रता की मिसाल थे. ऐसे महान व्यक्तित्व की कमी हमेशा खलती रहेगी।
कोई चीज टाटा बनाई है यह जानकर ही लोगों को लगता है कि यह सुरक्षित है और उच्च क्वालिटी की है।
सुई से लेकर जहाज बनाने की कहावत भी टाटा ने सच ही कर दी।
महान व्यक्तित्व, महान भारतीय और महान उद्योगपति को अंतिम प्रणाम। 🙏 ॐ शांति 🙏🏼

09/10/2024
08/10/2024

Jay shree shyam 🙏

*4,85,56,75,90,000.00/- ₹ की संपत्ति रखने वाले राकेश झुनझुनवाला (बिगबुल/स्टॉक ट्रेडर) के निधन से पहले के अंतिम शब्द.....*

मैं व्यापार जगत में सफलता के शिखर पर पहुँच चुका हूँ। मेरा जीवन दूसरों की नज़र में एक उपलब्धि है। हालाँकि, काम के अलावा मेरे पास कोई खुशी नहीं थी। पैसे केवल एक सत्य हैं जिसका मैं उपयोग करता हूँ।

इस समय अस्पताल के बिस्तर पर लेटे हुए और अपनी पूरी जिंदगी को याद करते हुए, मुझे एहसास होता है कि मुझे जो पहचान और पैसे पर गर्व था, वह मृत्यु से पहले झूठा और बेकार हो गया है।

आप अपनी कार चलाने या पैसे कमाने के लिए किसी को किराए पर ले सकते हैं। लेकिन, आप किसी को पीड़ित होने और मरने के लिए किराए पर नहीं ले सकते।

खोई हुई भौतिक वस्तुएँ मिल सकती हैं। लेकिन एक चीज़ है, जो खो जाने पर कभी नहीं मिलती - और वह है "जीवन"।

हम जीवन के किसी भी चरण में हों, समय के साथ हमें उस दिन का सामना करना होगा, जब दिल बंद हो जाएगा।

अपने परिवार, जीवनसाथी और दोस्तों से प्यार करें.....❤️ उनके साथ अच्छा व्यवहार करें, उनके साथ धोखा न करें, बेईमानी या विश्वासघात कभी न करें।

जैसे-जैसे हम बड़े होते जाते हैं और समझदार बनते हैं, हमें धीरे-धीरे एहसास होता है कि 300 या 3000 या 3 लाख की कीमत की घड़ी पहनने से - सब कुछ एक ही समय को दर्शाता है।

हमारे पास 100 का पर्स हो या 500 का - अंदर सब कुछ समान होता है।

चाहे हम 5 लाख की कार चलाएँ या 50 लाख की कार चलाएँ। रास्ता और दूरी एक ही है और हम उसी मंजिल पर पहुँचते हैं।

हम जिस घर में रहते हैं, चाहे वह 300 वर्ग फुट का हो या 3000 वर्ग फुट का - अकेलापन हर जगह समान है।

आपको एहसास होगा कि आपकी सच्ची आंतरिक खुशी इस दुनिया की भौतिक वस्तुओं से नहीं मिलती।

आप फर्स्ट क्लास या इकोनॉमी क्लास में उड़ान भरें, अगर विमान नीचे गिरता है तो आप भी उसके साथ नीचे ही जाएंगे।

इसलिए.. मैं आशा करता हूँ कि आपको एहसास होगा, आपके पास दोस्त, भाई और बहनें हैं, जिनके साथ आप बातें करते हैं, हंसते हैं, गाते हैं, सुख-दुख की बातें करते हैं,... यही सच्ची खुशी है!!

जीवन की एक निर्विवाद सच्चाई:

अपने बच्चों को केवल अमीर बनने के लिए शिक्षित न करें। उन्हें खुश रहना सिखाएँ। जब वे बड़े होंगे तो उन्हें चीज़ों की लागत नहीं, मूल्य की जानकारी होगी।

🙏🏵️🏵️🏵️🙏

मात्र 1 वर्ष प्रण कर लीजिए प्रसाद में गुड़ चना फल ही चढ़ाएंगे।सभी मिलावट खोरों की दुकान बंद हो जाएगी।🙂
29/09/2024

मात्र 1 वर्ष प्रण कर लीजिए प्रसाद में गुड़ चना फल ही चढ़ाएंगे।
सभी मिलावट खोरों की दुकान बंद हो जाएगी।
🙂

एक होटल में बहुत ज्यादा भीड़ रहती थी जिसका फायदा उठाकर एक आदमी रोजाना कचोरी खाकर बिना पैसे दिए ही चला जाता था ।। मैं रोज...
26/08/2024

एक होटल में बहुत ज्यादा भीड़ रहती थी जिसका फायदा उठाकर एक आदमी रोजाना कचोरी खाकर बिना पैसे दिए ही चला जाता था ।। मैं रोज उस आदमी को देखता लेकिन होटल के मालिक को कभी नहीं बताया।।
✍️एक दिन सोचा चलो होटल के मालिक को बता ही देता हूं जैसे ही मैने उस होटल के मालिक को उस आदमी के बारे में बताया तो वो बोला की आप पहले ग्राहक नहीं हो जिसने हमें ये बात बताई है और भी बहुत से ग्राहक हमें यह बात बता चुके हैं।।
✍️मालिक की बात सुनकर मैंने पूछा कि आप उसे रोकते क्यों नहीं तो मलिक ने जवाब दिया कि एक बार हमने उस व्यक्ति का पीछा किया फिर हमें पता लगा कि वह एक भिखारी है और कचोरी खाने के बाद सीधा भगवान के मंदिर में जाता है।।
✍️जब हमने चुपके से भगवान के मंदिर में जाकर देखा तो वह व्यक्ति दुआ मांग रहा था कि है भगवान !कल उस होटल में आज से भी ज्यादा भीड़ भेजना ताकि भीड़ में मैं कचोरी खाके निकल सकूं।।
✍️फिर हमें एहसास हुआ की होटल हमारी मेहनत से नहीं उसकी दुआओं की बदौलत चलता है।।
दोस्तों जीवन में कभी-कभी हम अपनी सफलता पर घमंड करने लगते हैं लेकिन हमें पता नहीं होता कि वह सफलता हमें किसकी दुआओं की बदौलत मिली है।।
✍️ ✍️

पेरिस ओलंपिक में आपके गृह राज्य से कितने एथलीट भाग ले रहे हैं?🤔🇮🇳How many athletes are participating in   from your home...
01/08/2024

पेरिस ओलंपिक में आपके गृह राज्य से कितने एथलीट भाग ले रहे हैं?🤔🇮🇳

How many athletes are participating in from your home state?🤔🇮🇳

via India in Pixels

🙆‍♀️🏅मनु भाकर ने पेरिस ओलंपिक में 10 मीटर निशानेबाजी में कांस्य पदक जीतकर भारत का पेरिस ओलंपिक में खाता खोला । कांस्य पद...
28/07/2024

🙆‍♀️🏅मनु भाकर ने पेरिस ओलंपिक में 10 मीटर निशानेबाजी में कांस्य पदक जीतकर भारत का पेरिस ओलंपिक में खाता खोला । कांस्य पदक जीतने पर मनु भाकर को बहुत बहुत बधाई 🇮🇳🇮🇳

पहले नमक 1 रुपये किलों मिलता था और गेहूं 12 रुपये किलों  अब नमक 30 रुपये किलों मिलता है और गेहूं 22 रुपये किलो इतना फर्क...
10/07/2024

पहले नमक 1 रुपये किलों मिलता था और गेहूं 12 रुपये किलों अब नमक 30 रुपये किलों मिलता है और गेहूं 22 रुपये किलो इतना फर्क इसलिए है क्यूकी नमक पैसों वाले लोग बनाते है और गेहूं गरीब किसान उगाता है ।

समय हमें कुछ भी अपने साथ ले जाने की अनुमति नहीं देता;पर अपने बाद अमूल्य कुछ छोड़ जाने का पूरा अवसर देता है।
07/07/2024

समय हमें कुछ भी अपने साथ ले जाने की अनुमति नहीं देता;
पर अपने बाद अमूल्य कुछ छोड़ जाने का पूरा अवसर देता है।

22/05/2024

....✍️

_*"सुकून"* की तलाश तो सब को है_ _जिसे तलाश नही वो *"सुकून"* से है._✨

🍃 *_जय श्री कृष्ण_* 🍂

Address

102, Near Nagarjun Petrol Pump, Sikka Patia
Jamnagar
361140

Opening Hours

Monday 8am - 9pm
Tuesday 8am - 9pm
Wednesday 8am - 9pm
Thursday 8am - 9pm
Friday 8am - 9pm
Saturday 9am - 8pm
Sunday 10am - 2pm

Telephone

+919998744300

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when YASH ROAD CARRIER posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Business

Send a message to YASH ROAD CARRIER:

Share