03/07/2023
हे हरी, मैं तुझे नित ध्याऊँ,
इस पूर्णिमा मैं गुरु गुण गाऊँ ।
तेरे चरणों में चित्त मैं लगाऊँ,
गुरु वाणी से गति मैं पाऊँ ।
हे गोविंद तू अनंत है, अपार है,
पर मेरे गुरु की बात ही कुछ और है ।
हे गुरु मेरा जीवन तू ने सवारा,
पर मेरा गोविंद है अपरम्पारा ।
- अनिक गुप्ता